केंद्र के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के आरोप में ममता के खिलाफ FIR दर्ज

 केंद्र के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के आरोप में ममता के खिलाफ FIR दर्ज

नई दिल्ली: असम पुलिस ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से संबंधित टिप्पणी को लेकर गुरूवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। उनके खिलाफ ऐसी कई शिकायतें मिली थी कि उन्होंने पूर्वोत्तर के इस राज्य में एनआरसी को अद्यतन किये जाने को लेकर भड़काऊ बयान दिया। गुवाहाटी पुलिस के उपायुक्त (मध्य) रंजन भूइयां ने बताया कि लतासिल थाने को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के एक कथित भाषण के संदर्भ में शिकायत मिली है।
हमने शिकायत दर्ज कर ली है ओर नियमों के तहत जांच करेंगे। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता तैलेंद्रनाथ दास ने शिकायत की और पुलिस ने आईपीसी की धारा 153 (ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह धारा धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास और भाषा के नाम पर लोगों के बीच शत्रुता पैदा करने और सौहाद्र्र बिगाडऩे की कोशिश से संबंधित है। ममता ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के अहमदपुर में एक सभा में कहा था कि भाजपा की अगुवाई वाली राजग सरकार राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पहले मसौदे में बंगालियों के नाम हटाकर उन्हें असम से बाहर करने की साजिश रच रही है। पहले मसौदे का प्रकाशन 31 दिसंबर, 2017 को किया गया। उन्होंने कहा था ‘मैं केंद्र की भाजपा सरकार को आग से न खेलने की चेतावनी देती हूं, यह करीब 1.80 करोड़ लोगों को राज्य से खदेडऩे की केंद्र सरकार की साजिश है।’ दास ने ममता पर उच्चतम न्यायालय की अवमानना का भी आरोप लगाया है, क्योंकि एनआरसी का काम उच्चतम न्यायालय की प्रत्यक्ष निगरानी में हो रहा है। पुलिस ने बताया कि एक अन्य व्यक्ति ने इसी तरह की शिकायत की है और प्राथमिकी के साथ इसे जोड़ दिया जाएगा। ममता के बयान की निंदा करते हुए कई समूहों ने असम में प्रदर्शन किए। पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी ममता की आलोचना करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए एनआरसी को मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। 
 

संबंधित ख़बरें