फिर विवादों में घिरी राज्य सरकार, शहीद के घर पर योगी आदित्य नाथ के दौरे से पहले

 फिर विवादों में घिरी राज्य सरकार, शहीद के घर पर योगी आदित्य नाथ के दौरे से पहले

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ बीते दिनों कश्मीर आंतकी हमले में शहीद हुए साहब शुक्ला के आवास पर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान सीएम योगी ने शहीद के परिवार को मुआवजे के तौर पर छह लाख रुपए का चैक दिया। हालांकि शहीद के घर पर योगी आदित्य नाथ के दौरे से पहले वीवीआईपी इंतजाम से राज्य सरकार एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। दरअसल सीएम के स्वागत के लिए शहीद के घर में रेड कार्पेट बिछाया गया और महंगे सोफे का भी इंतजाम किया गया। जिसका रंग भी सीएम का पसंदीदा केसरिया था। वहीं कूलर का भी विशेष इंतजाम किया गया। सड़क की भी खासतौर पर मरम्मत की गई। वहीं शहीद के बेटे सौरभ शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के आने से पहले ही उनके घर में इस तरह के खास इंतजाम किए गए थे। सड़क को साफ-सुथरा किया गया। घर में महंगा केसरिया रंग का सोफा रखा गया। शहीद के बेटे ने आगे कहा कि उन्हें खुद नहीं पता की ये सुविधाएं उनके घर के लिए कब तक दी गई हैं। बता दें कि 50 साल के साहब शुक्ला 24 जून को श्रीनगर के पंथा चौक पर हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए। साहब शुक्ला 16 जून को दूसरे बेटे देवाशीष की शादी के बाद वापस ड्यूटी पर लौटे थे। जानकारी के अनुसार साहब अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले भी सूबे के देवरिया में शहीद हुए जवान के घर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ 12 मई, (2107) को परिजनों से मिलने के लिए पहुंचे। मुख्यमंत्री के आने की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने शहीद के घर को हाईटैक बना दिया। खबर के अनुसार शहीद हेड कांस्टेबल प्रेस सागर के घर आने का मुख्यमंत्री का प्रोग्राम पहले से तय था। जिसे देखते हुए शहीद के घर के जिस कमरे में मुख्यमंत्री उनके परिजनों से मिलने वाले थे वहां एसी, नए पर्दे, सोफा और कारपेट बिछाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ शहीद के परिवार से मिले जहां उन्होंने परिवार को चार लाख रुपए का चैक और दो लाख रुपए की एफडी दी। हालांकि जैसे ही सीएम गोरखपुर के लिए रवाना हुए उसके सिर्फ आधे घंटे बाद ही घर से सबकुछ हटा लिया गया। मामले में शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया कि जिस कमरे में हमें मुख्यमंत्री से मिलना था वहां सुबह ही बांस-बल्लियों के सहारे एसी लगा दिया गया था। घर में नया सोफा और नई कालीन भी बिछाई गई। घर के तौलिए तक बदल दिए गए। रात को ही मजदूरों को बुलाकर घर के अंदर पेंट भी करा दिया। गांव की सड़के भी रातों-रात चमका दी गईं। नालियों को भी साफ कर दिया गया। लेकिन उनके जाते ही सबकुछ हटा लिया गया।

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