अदालत ने सिगरेट के पैकेट को लेकर केंद्र को दिया नोटिस

अदालत ने सिगरेट के पैकेट को लेकर केंद्र को दिया नोटिस

इंदौर: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने आज सिगरेट में निकोटिन और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा को निर्धारित नियमों अनुसार सिगरेट के पैकेट पर प्रदर्शित नहीं किये जाने संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सहित दस अन्य को नोटिस जारी किया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायाधीश प्रकाश कुमार श्रीवास्तव और न्यायाधीश वीरेन्द्र सिंह ने नोटिस जारी कर सभी जिम्मेदारों से चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। इंदौर निवासी जनहित याचिकाकर्ता हर्ष झुनझुनवाला की ओर से प्रस्तुत याचिका में कहा गया था कि भारत सरकार ने वर्ष 2003 में सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 प्रभावी कर सिगरेट के पैकेट पर सिगरेट में पाए जाने वाले हानिकारक तत्व प्रदर्शित करने के बंधनकारी नियम बनाये हैं, जिनका खुले तौर पर उल्लंघन किया जा रहा है। याचिका पर आज सुनवाई करते हुए न्यायालय ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के सचिव, मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव, उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव और इंदौर कलेक्टर सहित नियमों का उल्लंघन कर रही भारत की चार प्रमुख सिगरेट निर्माता कंपनियों को नोटिस जारी किया है।
 

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