आने वाले साल में ऐसे करें वर्कआउट, साल भर रहेंगे फिट

आने वाले साल में ऐसे करें वर्कआउट, साल भर रहेंगे फिट

अगर बीत रहे साल में आप एक ही तरह की एक्सरसाइज करते हुए बोर हो गए हैं तो आने वाले साल में आप कुछ नया ट्राई कर सकते हैं। इन्हें करते हुए आप एंज्वॉय तो करेंगे ही आने वाले साल में पूरी तरह फिट भी रहेंगे। इन दिनों एक्सरसाइज के पुराने तरीकों के अलावा वर्कआउट्स के नए पैटर्न भी पॉपुलर हो रहे हैं। अपनी पसंद के मुताबिक अब आजमा सकते हैं दुनिया के दूसरे हिस्सों में प्रचलित ये अनूठे और मजेदार वर्कआउट्स। इस तरह नए वर्ष में आप नए वर्कआउट्स से शुरुआत कर सकते हैं। लेकिन इन्हें करने से पहले अपने फिटनेस एक्सपर्ट की सलाह और गाइडेंस जरूर ले लें।
रेट्रो रनिंग
अपने नाम के मुताबिक ही पीछे की ओर दौड़ लगाने वाली यह रेट्रो रनिंग एक्सरसाइज यूरोप और जापान में काफी लोकप्रिय है। फिटनेस एक्सपर्ट कहते हैं कि नॉर्मल रनिंग के 1000 स्टेप्स और बैक डायरेक्शन रनिंग के 100 स्टेप्स बराबर रिजल्ट देते हैं।
इससे जो मजबूती और पोश्चर का सुधार होता है या जितनी कैलोरी बर्न होती है, उतनी नॉर्मल रनिंग से नहीं। इससे कमर दर्द या घुटनों के दर्द से भी बचाव होता है। यह एक्सरसाइज पिंडलियों और हैमस्ट्रिंग्स को भी मजबूत करती है।
हुला हूप्स
हॉलीवुड सेलिब्रिटीज के बीच हूप्नोटिका के नाम से मशहूर यह लेटेस्ट वर्कआउट वेट लॉस के लिए काफी असरकारक माना जाता है। इससे पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाने की वजह से यह न सिर्फ शरीर का लचीलापन और संतुलन इंप्रूव करता है बल्कि हाथ-पैरों की मसल्स को भी मजबूत करते हुए उनकी टोनिंग भी कर देता है।
कमर के आस-पास हूप्स को घुमाते हुए पैर के अंगूठों पर दबाव देने और हाथों को ऊंचा रखने से जो मूवमेंट होते हैं, उनसे शरीर और हूप को बैलेंस रखने के लिए जिस एकाग्रता की जरूरत होती है, उससे दिमाग की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। इससे कैलोरी तो बर्न होती ही है, स्ट्रेस भी कम होता है।
ट्रेडमिल योगा
ट्रेडमिल योगा, ट्रेडमिल वॉकिंग (3 माइल प्रति घंटे की गति पर) और रेग्युलर योगा का फ्यूजन यानी ट्रोगा है। इससे शरीर के ऊपरी हिस्से का लचीलापन बढ़ता है, पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर को कार्डियो वर्कआउट मिलता है।
ट्रेडमिल वॉक से स्टेमिना बढ़ती है और योगा पोश्चर लचीलापन और ब्रीदिंग पैटर्न इंप्रूव करता है। इसमें ट्रेडमिल पर वॉक करते हुए हाथों की स्ट्रेचिंग और योग मुद्राएं की जाती हैं।
पाउंड वर्कआउट
अमेरिका स्थित कैलिफोर्निया के दो फिटनेस विशेषज्ञों और ड्रम बीटर्स ने पाउंड वर्कआउट प्रोग्राम तैयार किया है।
इसमें भारी वजन वाले डंबल्स की बजाय विशेष रूप से तैयार किए गए ड्रमस्टिक का प्रयोग किया जाता है।
ये साधारण ड्रमस्टिक की तुलना में जरा छोटी और भारी होती हैं।
इनके साथ तरह-तरह की एक्सरसाइज और जमीन पर कूदना शामिल है।
इस प्रोग्राम में फुल-बॉडी वर्कआउट है, जिनमें जांघों, कूल्हों और धड़ की अच्छी खासी मशक्कत शामिल है।
इस एक्सरसाइज को बिजी रुटीन में आसानी से शामिल कर सकते हैं। इससे शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ स्ट्रेस से भी राहत मिलती है।
डोगा यानी डॉग योगा
डोगा के नाम से प्रचलित यह वर्कआउट यूएस में लेटेस्ट फिटनेस क्रेज बन गया है। आपने देखा होगा डॉग्स में स्ट्रेचिंग की आदत होती है। इस वर्कआउट में अपने पेट डॉग के साथ लोग योग करते हैं। इसमें पहले डॉग को अपने पोज सिखाए जाते हैं और फिर उसके साथ मनोरंजन करते हुए, बिना बोरियत के योग किया जाता है। इससे अपने पेट डॉग के साथ बॉन्डिंग तो इंप्रूव होती ही है, डॉग और उसके मालिक दोनों फिट भी रहते हैं। 

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