इंटरव्यू में एेसे सवाल पूछती है कंपनियां

इंटरव्यू में एेसे सवाल पूछती है कंपनियां

आजकल जॉब मार्केट काफी कॉम्पीटेटिव हो गई है। जॉब पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आज के दौर में किसी जॉब के लिए लिखित परीक्षा से ज्यादा कठिन इंटरव्यू पास करना होता है। सरकारी विभाग हो या निजी क्षेत्र आज हर जगह इंटव्यू के बगैर कैडिडेट को हायर किए जाना संभव नही होता है। खासकर बिजनेस के क्षेत्र में, क्योंकि इंटरव्यू के जरिए कैंडिटेड की कैपेसिटी से लेकर उससे जुड़ी बातों का आकलन कर लिया जाता है। क्योंकि इंटरव्यू के जरिए कैंडिटेड की कैपेसिटी से लेकर उससे जुड़ी बातों का आकलन कर लिया जाता है। इस दौरान चयनकर्ताओं के सवालों के जवाब में ही कैंडिटेड की एक सही तस्वीर सामने आ जाती है। जिससे कई बार लोग लास्ट में होने वाले इन इंटरव्यू के सवालों से एक अच्छी जॉब से हाथ धो बैठते हैं। सबसे खास बात तो यह है कि इस दौरान कुछ सवाल तो ऐसे हैं जो काफी सरल होते हैं और लगभग हर इंटरव्‍यू में पूछे जाते हैं,लेकिन इनका जवाब कठिन होता है। आज हम अपको बता रहे हैं इंटरव्यू में पूछे जाने वाले एेसे ही कुछ सवालों के बारे में 
कैंडिडेट की रिलीवेंसी चेक करने के लिए यह पूछा जाता है कि आप बैटमैन और सुपरमैन के अंतर को कैसे पहचानेंगे ? आपको जितना पता है उसी के आधार पर जवाब दे बिना गुमराह करे। अक्सर निजी कंपनियां इंटरव्यू में दिमाग चेक करने से के लिए कैंडिडेट से यह सवाल जरूर पूछती हैं कि लंदन में कितनी ट्रैफिक लाइट्स हैं ? इसका मतलब होता है कि आप दुनिया दारी की चीजों से मतलब रखत हैं या फिर सीमित रहते हैं। कैंडिडेट कितना क्रिएटिव है, ये चेक करने के लिए एक कागज का टुकड़ा देकर पूछ जाता है कि इस पेपर के टुकड़े का क्या कर सकते है ? इस दौरान आप जिस कंपनी में जिस काम के लिए अप्लाई कर रह हैं उसी को ध्यान में रखकर जवाब दें।
यह सवाल भी अक्‍सर पूछा जाता है कि आपके दिमाग का रंग कैसा है ? यह सवाल कैंडिडेट का मूड चेक करने के लिए पूछा जाता है। इस दौरान बिना घबराएं और कुछ ज्यादा सोचे बगैर किसी अपने फेवरेट कलर का नाम ले लें। आप गार्डेन गेम्स के बारे में क्‍या सोचते हैं? यह सवाल कैंडिडेट कंपनी की ग्रोथ में किस तरह की भूमिका निभा सकता है यह जानने के लिए पूछा जाता है। ऐसे में कैंडिडेट को नर्वस होने की बजाय काफी पॉजिटिव वे जवाब देना चाहिए। कैंडिडेट की मेमोरी चेक करने लिए अक्सर यह पूछा जाता है कि क्या आप 7 बौनों के नाम बता सकते हैं? ऐसे में अगर आपको इन 7 बौनों के नाम नहीं याद हैं तो आप उन्हें गलत बताने या टाइम वेस्ट करने की बजाय बता दीजिए की इनके नाम काफी लंबे थे। इसलिए आप भूल गए हैं। अगर आप किसी क्रिएटिव डिजाइन आदि के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो अक्सर ही आपकी क्रिएटिविटी चेक करने के लिए पूछा जाता है कि आप कौन सा फल बनना चाहोगे? इसके जवाब में आपको यह जाहिर करना होगा कि आपने यह फील्ड क्यों चुनी है। अगर आपकी जिंदगी की खबर बने तो आप उसकी हेड लाइन क्या देना चाहोगे? यह भी एक अहम सवाल है। इसके पीछे आपकी पर्सनालिटी और एटीट्यूड को आपके ही शब्दों को जानने का मकसद होता है। ऐसे में साफ है कि अपनी पर्सनालिटी के मुताबिक जवाब दें। कैंडिटेट कैसा जवाब दे सकता है। इसे चेक करने के लिए कई बार यह पूछा जाता है कि अगर आपको पेंसिल के आकार में किसी एक ब्लेंडर में डाल दिया जाए तो आप बाहर निकलने की कोशिश करेंगे? इन सवालों में काफी सोच समझकर जवाब देने की जरूरत होती है। कई बार यह भी कह दिया जाता है कि आप कोई एक स्टोरी सुनाए इस दौरान आपके दिमाग में कई सारी स्टोरी घूमने लगती हैं। ऐसें में आप इस जगह पर अपने प्रोफेशन, कॅरियर, लक्ष्य को देखते हुए बिना ज्यादा सोचे स्टोरी नरेट करें। कोई कॉमिक या डाकू मवाली वाली स्टोरी कतई न सुनाएं।
 

संबंधित ख़बरें