ठंड ने ली 41 जानें, कई शहरों में पड़ेगा पाला

ठंड ने ली 41  जानें, कई शहरों में पड़ेगा पाला

लखनऊ- हल्की धूप से राहत के बाद मंगलवार को फिर कोहरे और गलन ने आम जनजीवन प्रभावित कर दिया। खून जमा देने वाली ठंड के चलते प्रदेश में 41 और लोगों ने दम तोड़ दिया। कानपुर और आसपास के जिलों में सर्दी से 33 लोगों की मौत हो गई। जबकि बाराबंकी में दो मासूम समेत पांच तो लखीमपुर खीरी और आसपास के इलाकों में चार लोग कड़ाके की सर्दी के शिकार हो गए। वहीं इसके पहले यूपी में आंकड़ों के मुताबिक ठंड की वजह से पहले 70 लोगों की जान जा चुकी है। 

बाराबंकी में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री पहुंच गया। हरदोई का न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस और कानपुर, कन्नौज का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस पर रहा। कानपुर में अकेले सर्दी से 13 मौतें हुईं, इसमें 10 की मौत कार्डियोलॉजी में हुई। हमीरपुर में नौ, कन्नौज में छह और बांदा, उन्नाव, इटावा, फतेहपुर व कानपुर देहात में एक-एक व्यक्ति की मौत सर्दी से हुई। उधर खीरी जिले के मितौली व हैदराबाद थाना क्षेत्र के एक-एक व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया तो औरंगाबाद कस्बा निवासी रहीस खां की छप्पर में सोते समय ठंड से अकड़कर मौत हो गई।

उधर बाराबंकी में मंगलवार को कड़ाके की ठंड की चपेट में आकर दो मासूमों सहित पांच लोगों की मौत हो गई। जिले में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस साल का सबसे कम तापमान है। हैदरगढ़ कोतवाली व बड्डूपुर थाना क्षेत्र में दो मासूम ठंड से दम तोड़ दिए। वहीं कोठी थाना क्षेत्र दो और मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के ग्राम बिहुरी में ठंड से एक की मौत हो गई।

कड़ाके की ठंड से यूपी के लोगोंको 13 जनवरी तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। फैजाबाद कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व मौसम व कृषि विज्ञानी प्रो. पद्माकर त्रिपाठी की मानें तो जम्मू-कश्मीर के ऊपर बन रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखण्ड में बर्फबारी होगी। इन इलाकों से चलने वाली हवाएं मैदानी इलाकों में शीतलहर लेकर आएंगी जिसकी वजह से मैदानी क्षेत्रों में तापमान और गिरेगा यानी मैदानी इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ती रहेगी।मौसम विभाग ने भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में जबर्दस्त शीतलहर चलने का अनुमान जताया है। कुछ इलाकों में पाला पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज के चलते खेतों में तैयार होती फसलों पर संकट गहराने लग गया है। आलू, चना, मटर, सरसों, अरहर आदि पर खतरा बढ़ गया है।