एकमुश्त समाधान योजना को नये स्वरूप में लागू किये जाने की घोषणा: रमापति शास्त्री

एकमुश्त समाधान योजना को नये स्वरूप में लागू किये जाने की घोषणा: रमापति शास्त्री

लखनऊ। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम तथा राष्ट्रीय निगमों के सहयोग से संचालित योजनाओ में वितरित किये गये ऋणों की वसूली में आशाजनक प्रगति न हो पाने पर वर्तमान सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के ऋण गृहीताओं को वसूली जमा करने हेतु एकमुश्त समाधान योजना को नई योजना के रूप में लागू किये जाने की घोषणा की। इस योजना में अब ऋण गृहीताओं को देय धनराशि एकमुश्त जमा करने पर सम्पूर्ण दण्ड ब्याज माफ कर ऋण अवधि का साधारण ब्याज लिये जाने की सुविधा दी गयी है, जिससे लाभार्थी को काफी लाभ होगा। श्री शास्त्री आज यहां गोमतीनगर स्थित सिडको के सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एकमुश्त समाधान योजना से लाभार्थी को दण्ड ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज तथा ऋण अदायगी अवधि के अतिरिक्त अवधि पर लगा ब्याज माफ होने से अधिक लाभ प्राप्त होगा। श्री शास्त्री ने अनुसूचित जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों हेतु उ0 प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित आर्थिक विकास की पं0दीनदयाल स्व रोजगार योजना, नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजना, लाण्ड्री एवं ड्राईक्लीनिंग योजना तथा एस0आर0एम0एस0 योजना की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान श्री शास्त्री ने उ0प्र0 अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष नहीं होने पर असन्तोष व्यक्त करते हुये अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये हैं कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए लक्ष्य की पूर्ति करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों एवं योजनाओं को पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित कर समाज के निर्धनतम व्यक्तियों के उत्थान में सरकार का सहयोग करना सुनिश्चत करें। श्री शास्त्री ने पं0 दीन दयाल स्व रोजगार योजनान्तर्गत 10 प्रतिशत से कम प्रगति अर्जित करने वाले जनपद बस्ती, कानपुर देहात, हापुड़, आजमगढ़, सीतापुर, फतेहपुर, मऊ, चन्दौली, बलरामपुर, गोण्डा, सम्भल, हमीरपुर, बलिया, झांसी, सिद्धार्थनगर, बुलन्दशहर तथा ललितपुर को, नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजनान्तर्गत स्थल चयन न करने वाले जनपदों को एवं मैनुअल स्कैवेंजरों के पुनर्वास की स्वरोजगार योजनान्तर्गत चिन्हित स्वच्छकारों को ऋण उपलब्ध न कराये जाने वाले जनपदों के अधिकारियों को कठोर चेतावनी दी है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) को निर्देश दिये कि 10 फरवरी, 2018 तक शत प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। इस अवसर पर प्रमुख सचिव,समाज कल्याण श्री मनोज सिंह ने बताया कि रुपये 10,000- का ऋण जिसकी अदायगी 36 माह में 04 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर की जानी है, यदि ऋण गृहीता द्वारा 10वर्ष तक एक भी पैसा जमा न करे तो पूर्ववर्ती ओ0टी0एस0 योजना में उसे मात्र 784-रू0 का लाभ होता किन्तु वर्तमान नई लागू की जा रही ओ0टी0एस0 योजना में लाभार्थी को रू. 3,584-का लाभ होगा। उन्होंने बताया कि वितरित ऋणों की वसूली तथा लाभार्थियों के हितार्थ निगम में ‘‘एकमुश्त समाधान योजना’’ नई योजना के रूप में लागू किये जाने की घोषणा मंत्री जी द्वारा की गयी, जिसके अन्तर्गत अब ऋण गृहीता पर लगने वाला दण्ड ब्याज, चक्रवृद्धि  ब्याज नहीं लगेगा। ऋण गृहीता से ऋण अदायगी अवधि (36/60 माह जैसी स्थिति हो) का ही साधारण ब्याज प्राप्त कर उसके खाते को बन्द कर दिया जायेगा।
 

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