खरमास शुरू, इस दौरान नहीं करना चाहिए ये काम

खरमास शुरू, इस दौरान नहीं करना चाहिए ये काम

शनिवार, 16 दिसंबर से खर मास आरम्भ हो रहा है जोकि 14 जनवरी 2018 तक रहेगा। हिन्दू धर्म में खरमास का महीना बहुत ही शुभ माना जाता है और इस महीने को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। दरअसल इस समय सूर्य वृश्चिचक राशि को छोड़कर धनु राशि में प्रवेश करते हैं। माना जाता है कि इस मास में सूर्य देवता के रथ को घोड़ों की जगह गधे खिंचते हैं। रथ की गति धीमी होने के कारण ही इस मास में अत्यधिक सर्दी भी पड़ती है। इस दौरान कुछ काम नहीं करना चाहिए। 
खरमास की कथा
भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। एक बार उनके  घोड़े  लगातार चलने और विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक गए थे।  भगवान सूर्यदेव उन्हें एक तालाब के किनारे ले गये लेकिन उन्हें तभी यह भी आभास हुआ कि अगर रथ रूका अनर्थ हो जायेगा। लेकिन तालाब के किनारे दो गधे मौजूद थे।
​भगवान सूर्यदेव घोड़ों को पानी पीने व विश्राम देने के लिये छोड़ देते हैं और गधों को अपने रथ में जोड़ लेते हैं। जिसके कारण रथ की गति धीमी हो जाती है फिर भी जैसे तैसे एक मास का चक्र पूरा होता है तब तक घोड़ों को भी विश्राम मिल चुका होता है इस तरह यह क्रम चलता रहता है और हर सौर वर्ष में एक सौर मास खर मास कहलाता है। इस पूरे महीने तक विवाह, सगाई, ग्रह-प्रवेश जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं करना चाहिए। वहीं दूसरी और नई चीजें जैसे नया घर, नई कार की खरीददारी भी नहीं करनी चाहिए। खल मास के समय किसी से विवाद करने से बचना चाहिए और अपने गुरुओं और बड़ो का आदर करना चाहिए। 
 

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