गंगा में तेज कटान ने बढ़ाई चिंता

गंगा में तेज कटान ने बढ़ाई चिंता

इलाहाबाद : माघमेला अभी शुरू भी नहीं हुआ कि गंगा में तेज कटान ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। झूंसी की ओर गंगा में कटान दिनोदिन तेज होती जा रही है। नरोरा और टिहरी से छोड़ा गया पानी यहां पहुंचा तो संकट बढ़ने की आशंका है।
संगम के सरकुलेटिंग एरिया को बेहतर बनाने के लिए गंगा की धारा से एक नई यूनिट निकाली गई है। इसके लिए दो पोकलैंड, चार जेसीबी व दर्जनों ट्रैक्टर भी लगाए गए थे। दस दिन के करीब इसका कार्य हुआ जिसमें लगभग बीस लाख रुपये खर्च भी किए गए। मगर इससे मामला उलटा पड़ गया। गंगा की मुख्य धारा झूंसी की ओर से बह रही है। ऐसे में धारा से छेड़छाड़ किए जाने पर प्रवाह झूंसी की ओर ज्यादा हो गया, जिससे कटान शुरू हो गया। बताते हैं कि माघमेला के दौरान अविरल-निर्मल गंगा के लिए नरोरा से चार हजार तथा टिहरी से एक हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी भी जल्द यहां पहुंचना शुरू हो जाएगा। ऐसे में कटान और बढ़ने की आशंका है। कटान बढ़ने से झूंसी की ओर बनाए गए दो शौचालयों के साथ कई टेंट पर खतरा मंडराने लगेगा। हालांकि कटान को नियंत्रण करने के लिए सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से काफी कोशिश की जा रही है। अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बल्लियों के बनाए गए क्रेट्स और स्पर लगा दिए गए हैं। इसके अलावा डैंपनर और बालू भरी बोरियों का स्टेंबुल भी बना दिए गए हैं। इसकी मदद से धारा की दिशा मोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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