जिग्नेश के आरोपों पर बोले अठावले, मेवाणी अभी-अभी विधायक बने हैं, राजनीति से बचें

जिग्नेश के आरोपों पर बोले अठावले, मेवाणी अभी-अभी विधायक बने हैं, राजनीति से बचें

नई दिल्ली: दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने शुक्रवार को इस बात से इनकार किया कि उन्होंने पुणे में किसी तरह का भड़काऊ भाषण दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उनको निशाना बना रही है. गुजरात के विधायक मेवाणी और जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय के छात्र उमर खालिद के खिलाफ 31 दिसंबर को पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान भड़काऊ भाषण देने का मामला गुरुवार को दर्ज किया गया था. मेवाणी ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संवाददाताओं से कहा, मैंने ना ही भड़काऊ भाषण दिया था और ना ही महाराष्ट्र बंद में हिस्सा लिया था. उन्होंने कहा, भाजपा और संघ द्वारा मुझे निशाना बनाया जा रहा है. वहीं महाराष्ट्र के दलित नेता और केंद्रीम मंत्री रामदास अठावले ने मेवाणी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, मुझे लगता है कि मेवाणी अभी-अभी विधायक बने हैं, उन्हें ज्यादा राजनीति नहीं करनी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि दलितों के हर मुद्दे पर बोलनेवाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भीमा-कोरेगांव हिंसा पर चुप्पी साधे हुए हैं. उन्होंने कहा कि इस हिंसा में संघ के लोगों का नाम खुले तौर पर आ रहा है, लेकिन सरकार उन्हें निशाना बना रही है. दलित नेता ने कहा कि 2019 के चुनाव में भाजपा उन्हें एक खतरा मान रही है. उन्हें टारगेट कर हमले किये जा रहे हैं, ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके.  दूसरी तरफ भीमा-कोरेगांव हिंसा के बाद अब राजनीति शुरू हो गयी है. एक तरफ जहां मेवाणी ने नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा, वहीं महाराष्ट्र के दलित नेता और केंद्रीम मंत्री रामदास अठावले ने मेवाणी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, मुझे लगता है कि मेवाणी अभी-अभी विधायक बने हैं, उन्हें ज्यादा सियासत नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा, मेवाणी का यह कहना कि भाजपा सरकार में दलितों पर अत्याचार हो रहा है यह बिल्कुल गलत है. अठावले ने कहा कि दलितों पर अत्याचार जातिवाद की वजह से होते रहे हैं. कांग्रेस की सरकार, समाजवादी की सरकार और बसपा की सरकार में भी दलितों पर अत्याचार हुए हैं. भाजपा की सरकार में दलितों पर अत्याचार होने की बात कहना सही नहीं है. उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिये हैं, जहां पर हमला हुआ उसमें जिग्नेश मेवाणी का कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि मेवाणी के भाषण से कोई दंगा नहीं हुआ. हालांकि, जिग्नेश का भाषण भड़काऊ था, लेकिन उसकी वजह से कोई दंगा नहीं हुआ. अठावले ने कहा कि जिग्नेश मेवाणी को ज्यादा सियासत नहीं करनी चाहिए. गौरतलब है कि मेवाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महाराष्ट्र हिंसा पर बयान देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि देश में दलित सुरक्षित नहीं हैं.
 

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