दिल्ली: ठंड में रैन बसेरों की कमी से 44 लोगों की मौत...

दिल्ली:  ठंड में रैन बसेरों की कमी से 44 लोगों की मौत...

दिल्ली :दिल्ली में आम आदमी पार्टी सरकार की उदासीनता का खामियाजा बेघरों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। कोर्ट की फटकार के बाद भी रैन बसेरों की कमी और बदइंतजामी से चलते लोग ठंड में मर रहे हैं। जहां रैन बसेरों की कमी एवं उनमें अव्यवस्था के कारण बेघर लोग ठंड में दम तोड़ रहे हैं। इस महीने दिल्ली पुलिस ने 44 लोगों की मौत के आंकड़े गृह मंत्रालय को दिए हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उनके विभाग ने ये 44 शव सड़क के किनारे से उठाए हैं।
सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट के सुनील कुमार ने जानकारी दी कि 6 दिनों में ही 44 बेघर लोगों की मौत हो चुकी है। पुलिस को बवाना में हैदरपुर वाटर प्लांट के पास 2 साल की बच्ची की लाश मिली है। साथ ही बाहरी दिल्ली में ही MCD टोल प्लाजा के पास 4 साल के बच्चे की लाश मिली है। आशंका जताई जा रही है कि ये दोनों मौते ठंड की वजह से हुईं हैं। सीएचडी के आंकड़ों के अनुसार, इन 44 लोगों में 2 साल से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग शामिल हैं। जिसमें सबसे ज्यादा लोग उत्तरी दिल्ली और मध्य दिल्ली के हैं। 
ठंड में बेघर की मौत से दिल्ली सरकार विपक्ष के निशाने पर है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने दिल्ली के लोगों से बेघरों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाने की अपील की है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं से भी इन मजबूर लोगों की सहायता करने के लिए कहा है। 
इस मामले को लेकर मनोज तिवारी ने कहा कि हम सभी नए साल में पहुंच गए लेकिन फिर भी दिल्ली सरकार का रवैया वैसा ही है। सीएम केजरीवाल को दिल्ली के लोगों की बजाय अपनी पार्टी और कुर्सी की ज्यादा चिंता है।
पिछले साल भी दिसंबर महीने में ही 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। अब नए साल में केवल छह दिनों में 44 लोगों की जान चली गई हैं, जिसके लिए दिल्ली सरकार जिम्मेदार है। वहीं आम आदमी पार्टी से बाहर हो चुके कपिल मिश्रा ने भी 6 दिनों में 44 मौत होने को लेकर केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली के मालिक अंडमान में छुट्टियां मना रहे थे तब दिल्ली की सड़कों पर बेघरों की मौत हो रही थी।

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