धन-धान्य की प्राप्ति के लिए एेसे करें मां लक्ष्मी की पूजा

धन-धान्य की प्राप्ति के लिए एेसे करें मां लक्ष्मी की पूजा

देवी लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है अर्थात इनकी कृपा से ही मनुष्य को भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है। अनेक पौराणिक ग्रंथों में देवी लक्ष्मी के संदर्भ में वर्णन किया गया है। महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास लिखते हैं- पुरुषां धनं वध: अर्थात लक्ष्मी (धन) का अभाव तो मनुष्य के लिए मृत्यु का चिन्ह है। यदि मनुष्य पर लक्ष्मी की कृपा न हो तो इच्छाएं अधूरी रह जाने पर उसकी आत्मा को मुक्ति नहीं मिलती। ऋग्वेद के श्रीसूक्त में भी भगवती लक्ष्मी से प्रार्थना की गई है- हे देवी, आप दरिद्रता, अलक्ष्मी का नाश कर मेरे घर से असमृद्धि को दूर करें। भर्तृहरि संहिता में कहा गया है कि जिसके पास लक्ष्मी (धन) है, वही कुलीन है, वही पंडित है, वही गुणी है, वही श्रेष्ठ है, वही दर्शनीय है। मतलब यह है कि ये सभी गुण लक्ष्मी के आश्रित हैं। लक्ष्मी जी की कृपा से ही इन सुखों की पूर्ण प्राप्ति संभव है। मनुष्य तो क्या देवताओं को भी अपने देवत्व कार्य पूर्ण करने के लिए लक्ष्मी की आराधना करनी पड़ती है।
लक्ष्मी जी की पूजा के नियम और सावधानियां:-
मां लक्ष्मी की पूजा सफेद या गुलाबी वस्त्र पहनकर करनी चाहिए। इनकी पूजा का उत्तम समय होता है- मध्य रात्रि।
मां लक्ष्मी के उस प्रतिकृति की पूजा करना चाहिए, जिसमें वह गुलाबी पुष्प कर विराजमान हो। साथ ही उनके हाथों से धन बरस रहा हो।
मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप स्फटिक की माला से करने पर वह तुरंत प्रभावशाली होता है। 
धनवान बनने के लिए विष्णु लक्ष्मी मंत्र
ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।
मां लक्ष्मी के विशेष स्वरूप की शक्रवार को पूजा करने से विशेष धन लाभ की प्राप्ति होती है।
वृष, कन्या और मकर राशि‍ वालों के लिए धन लक्ष्मी की पूजा विशेष लाभकारी होती है।
मां लक्ष्मी के उस स्वरूप या चित्र के समक्ष जिसमें उनके हाथों से धन गिर रहा हो घी का एक बड़ा सा दीपक जलाएं। 
इसके बाद उनको इत्र समर्पित करें। वही इत्र नियमित रूप से प्रयोग करें।
कितनी भी धन की समस्या हो, अगर विधि-वत मां लक्ष्मी की पूजा की जाए, तो धन का अभाव सदैव बना रहता है।
मां लक्ष्मी के प्रतिमा के चरणों में प्रातः एक रुपये का सिक्का अर्पित करें। 
 

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