बसंत पंचमी: जानिए सरस्वती पूजा महत्व और शुभ मुहूर्त

बसंत पंचमी: जानिए सरस्वती पूजा महत्व और शुभ मुहूर्त

सरस्वती पूजा माघ शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाई जाती है। सरस्वती पूजा पर विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार बसंत पंचमी के दिन ही विद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का विधान है। सरस्वती पूजा के दिन कई लोग वासना के देवता कामदेव की भी पूजा करते हैं।
बसंत पंचमी का त्योहार किसानों के लिए भी खास महत्व रखता है। इस दिन से खेतों में फसल लहलहाते नजर आते हैं। प्रकृति भी इस दिन से मनमोहक दिखने लगती है। सरस्वती पूजा के दिन से पवित्र नदियों में स्नान का भी बहुत महत्व है। पवित्र नदियों और तीर्थ स्थानों पर इस दिन बसंत मेला भी लगता है।
कब मनाई जाती है सरस्वती पूजा 
सरस्वती पूजा माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस बार सरस्वती पूजा 22 जनवरी (सोमवार) को मनाई जाएगी।
सरस्वती पूजा का महत्व 
सरस्वती पूजा को शास्त्रों में वसंत पंचमी को ऋषि पंचमी के अन्य नाम से भी जाना जाता है। वसंत पंचमी में फूलों में बहार आ जाती है, खेतों में फसल लहलहाते नजर आते हैं। गेहूं और जौ की बालियाँ खिलने लगती है। आम के पेड़ों में मंजर आ जाते हैं। सरसों के पीले-पीले फूल चहूं ओर दिखने लगते हैं। इतना ही नहीं मौसम भी इस समय सुहाना लगने लगता है। 
पौराणिक महत्व 
पौराणिक कथा के अनुसार जब सृष्टि की रचना की तब उस समय वातावरण में नीरसता, उदासी थी। ऐसा लग रहा था मनो किसी की वाणी नहीं है, सभी मूक हैं। भगवान विष्णु को यह देखकर अच्छा नहीं लगा, उनहोंने अपने कमंडल से जल लेकर छिड़का।
जल-कणों के छिड़कते ही पेड़ों से एक शक्ति उत्पन्न हुई, जो अपने दोनों हाथों से वीणा बजा रही थी। साथ ही इस देवी के हाथों में पुस्तक और मोती की माला थी। इस देवी ने भी समस्त प्राणियों को वाणी (बोलने की शक्ति) प्रदान की। जिसके बाद से ही इस देवी को सरस्वती कहा गया। यह देवी विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री हैं, इसलिए इन्हें विद्यादायनी भी कहा जाता है। यही कारण है कि वसंत पंचमी के दिन घर-घर में माता सरस्वती की पूजा होती है। इतना ही नहीं शायद यही कारण है कि इस दिन को सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। 
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 
पूजा शुभ मुहूर्त- 22 जनवरी 2018 प्रातः 07 बजकर 17 मिनट से   
बसंत पंचमी तिथि प्रारंभ 21 जनवरी 2018 (रविवार) को 15:33 बजे से 
बसंत पंचमी तिथि समाप्त 22 जनवरी 2018 को 16:43 तक 
सरस्वती पूजा मंत्र 
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमां आद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा पुस्तक धारिणीं अभयदां जाड्यान्धकारापाहां।
हस्ते स्फाटिक मालीकां विदधतीं पद्मासने संस्थितां
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धि प्रदां शारदां।।
कैसे करें सरस्वती पूजा ?
सरस्वती पूजा के दिन सरस्वती की पूजा कर उन्हें पीले पुष्प अर्पित करें।
इस दिन पुस्तकों और वाद्य यंत्रों की पूजा करें।
इस दिन पीले वस्त्र पहनकर माता सरस्वती की पूजा करना शुभ माना गया है।
 

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