बिजली बोर्ड ने दरें बढ़ाने की कर ली तैयारी

बिजली बोर्ड ने दरें बढ़ाने की कर ली तैयारी

शिमला: हिमाचल के साढ़े 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों को आगामी अप्रैल माह से बिजली का झटका लग सकता है। राज्य बिजली बोर्ड ने साल 2018 -19 में बिजली की दरें बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
साल 2017 में हुए 252 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला देते हुए बोर्ड ने विद्युत नियामक आयोग में पिटीशन दायर कर दी है। हालांकि, इसमें दरें बढ़ाने की मांग नहीं की है, लेकिन बिजली बोर्ड का खर्च बढ़ने और बीते साल भी दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक स्थिति को खराब बताया गया है। बिजली बोर्ड का सालाना खर्च करीब 5532 करोड़ रुपये है। वर्तमान की बिजली दरों से बोर्ड को सालाना 4511 करोड़ रुपये और पड़ोसी राज्यों को बिजली बेचकर 768 करोड़ रुपये की आय हो रही है। ऐसे में साल 2017 के दौरान बिजली बोर्ड को 252 करोड़ का घाटा हुआ है। साल 2017 के शुरू में हिमाचल में हुई भारी बर्फबारी से बोर्ड को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आय के साधन कम होने और खर्च अधिक होने की बात बोर्ड ने नियामक आयोग से उठाई है। बोर्ड की याचिका पर आने वाले दिनों में नियामक आयोग स्थिति स्पष्ट करेगा। आयोग से जवाब आने के बाद बोर्ड फिर से याचिका दायर कर बिजली दरें बढ़ाने का आग्रह करेगा। बता दें कि साल 2017 में राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली महंगी करने से इंकार कर दिया था।
वर्तमान में यह है बिजली दरों का स्लैब
हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थीं। इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली की दरों में इजाफा किया गया था। राज्य बिजली बोर्ड ने अप्रैल 2017 से घरेलू बिजली की दरों को 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा था। हर स्लैब में बढ़ोतरी करने की अपील की गई थी।
बिजली बोर्ड ने प्रति कनेक्शन कंज्यूमर सर्विस चार्ज में बढ़ोतरी की सिफारिश की थी, लेकिन नियामक आयोग ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
वर्तमान में यह है बिजली दरों का स्लैब
स्लैब             दर               सब्सिडी के बाद
प्रति माह     रु. प्रति यूनिट    रु. प्रति यूनिट

0-60             2.85            1.0
0-125           3.70            1.50
126-300        4.60            2.90
301 से ऊपर   5.10            4.35

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