बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर ठगी

बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर ठगी

मंडी : ग्रामीण समृद्धि योजना के नाम से बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर ठगने वाली एजैंसी पर पुलिस का शिकंजा कस गया है। बता दें कि कई दिनों से एस.पी. कार्यालय में लोगों ने शिकायत दी है कि ग्रामीण समृद्धि योजना क्षेत्रीय कार्यालय सी-13ए काटजूनगर कोलकाता पश्चिम बंगाल की एक एजैंसी द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती करने की एवज में नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं और इसके बाद 7,200 रुपए अभ्यर्थियों से डिमांड ड्राफ्ट द्वारा मांगे जा रहे हैं। इस संदर्भ में जिला पुलिस द्वारा डी.सी.पी. साऊथ सबरवन कोलकाता से इस एजैंसी के बारे में पत्राचार किया गया था तो वहां की स्थानीय पुलिस ने छानबीन के दौरान पाया है कि उपरोक्त एजैंसी का कार्यालय दर्शाए गए पते पर मौजूद है लेकिन यह दिन में एक या 2 घंटे खुलता है, साथ ही एजैंसी को चलाने वाले व्यक्ति का फोन नंबर भी बंद पाया गया है जिस कारण स्थानीय पुलिस इस व्यक्ति से पूछताछ नहीं कर सकी है। स्थानीय पुलिस द्वारा दर्शाए गए पते के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की गई है जिनसे इस एजैंसी के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में जिला पुलिस ने आवेदनकर्ताओं से आह्वान किया है कि इस एजैंसी को पैसों का भुगतान अपने विवेक से करें क्योंकि कोई भी सरकारी एजैंसी नौकरी की एवज में पैसों की मांग नहीं करती है।
सूत्रों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, मणिपुर व सिक्किम के 4400 अभ्यर्थियों  को पहली मैरिट लिस्ट में सिलैक्ट किया गया था जिसके बाद अगली काऊंसलिंग के लिए प्रमाण पत्रों की वैरीफिकेशन के लिए अलग-अलग कैटेगरी के लिए पैसों की मांग की गई थी, जिसमें पंचायत लेवल पर अप्लाई करने वाले अभ्यॢथयों से 2,000, अप्पर डिवीजन क्लर्क के लिए 2,500 व डी.पी.ओ. के लिए 3,000 रुपए मांगे गए थे जिसके बाद दूसरी काऊंसलिंग के बाद अभ्यर्थी से 7,200 रुपए की मांग की गई है। इसके लिए कई अभ्यॢथयों ने पैसा भी जमा करवा दिया है। इसके बाद अब मार्च में इसकी ट्रेनिंग के लिए शिमला के टुटू में बुलाया गया है, जहां पर पता करने पर पाया गया कि यहां 5 मार्च से उपरोक्त एजैंसी के नाम से बैंकेट हाल बुक है। 
 

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