भाजपा और कांग्रेस ने किया पानी की दरों में बढ़ोतरी का विरोध

भाजपा और कांग्रेस ने किया पानी की दरों में बढ़ोतरी का विरोध

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और कांग्रेस ने दिल्ली में पानी की दरों में 20 प्रतिशत  की भारी बढ़ोतरी के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि लोगों को मुफ्त में पानी उपलब्ध कराने का वादा लेकर सत्ता में आए  अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा उजागर हो गया है। दिल्ली सरकार ने एक फरवरी से पानी की दरों में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि दिल्ली जल बोर्ड की वित्तीय स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। केजरीवाल सरकार के तीन  वर्ष के कार्यकाल में पानी की दरों में दूसरी बार यह बढ़ोतरी की गयी है।  केजरीवाल ने तीन महीने पहले ही जल मंत्रालय का कार्यभार संभाला है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि  केजरीवाल मेट्रो का किराया बढ़ाने पर घडियाली आंसू बहा रहे थे और अब पानी की दरों में 20 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर उन्होंने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। उन्होंने जल बोर्ड को एक ‘सफेद हाथी’ बताया और कहा कि केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार की कीमत दिल्ली वालों को चुकानी पड़ेगी। पानी महंगा किए जाने से दिल्ली की जनता पर सालाना 500 से 600 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने भी पानी की दरों में भारी बढ़ोतरी को केजरीवाल सरकार के कुप्रबंधन का नतीजा करार दिया और कहा कि सत्ता में आने के लिए जनता से मुफ्त में पानी देने के वादे किए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पानी की दरों को वादे के अनुरूप कम करने की बजाय भारी वृद्धि कर पहले से ही महंगाई से परेशान जनता पर और बोझ डाल दिया है। दिल्ली के पूर्व जल मंत्री और करावल नगर से आम आदमी पार्टी (आप) से निलंबित विधायक कपिल मिश्रा ने  भी ट्वीट कर केजरीवाल सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली सरकार ने पानी का दाम बढ़ाने का फैसला किया। अचानक ऐसा फैसला क्यों? क्या अरविंद केजरीवाल के जल मंत्री बनते ही दिल्ली जल बोर्ड अचानक घाटे में चला गया है? ये दिल्ली वालों के साथ धोखा है। दाम न बढ़ाने का वादा किया गया था।
 

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