योगी सरकार आ गई लपेटे में, पुजारी के सुसाइड नोट से

योगी सरकार आ गई लपेटे में, पुजारी के सुसाइड नोट से

उत्तर प्रदेश के महोबा के इस मामले ने जबरदस्त तूल पकड़ ली है। यहां एक पुजारी के सुसाइड नोट योगी सरकार की परेशानी का बड़ा सबब बन सकता है। जानिए क्या है पूरा मामला...
उत्तर प्रदेश के महोबा के थाना के महोबकंठ के सौरा गांव में एक पुजारी ने पेड़ पर फंदा डालकर फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत का दोषी राजू, सोनू, मोनू और दयाराम कुशवाहा को ठहराया है। चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही साथ योगी सरकार को भी लपेटे में ले लिया है।
मध्य प्रदेश के जनपद छतरपुर के नारायणपुरा गांव निवासी अरविंद कुमार दीक्षित 14 साल से सौरा के मंदिर में रहकर पूजा पाठ कर रहा था। आठ जुलाई को गांव के राजू राजा, सोनू राजा, मोनू राजा और दयाराम कुशवाहा उसे चतुर्भुज कुशवाहा के घर रिवाल्वर लगाकर ले गए। जहां पर पुजारी को पीटकर अपमानित किया गया। पुजारी की शिकायत पर गांव में पंचायत बुलाई गई। वहां भी उसे अपमानित कर भगा दिया गया।
अपनी बेइज्जती से आहत होकर पुजारी ने जान दे दी। मरने से पहले पुजारी ने योगी सरकार के नाम एक सुसाइड नोट लिखा। उसने इसमें पुजारी ने अपनी मौत के कारण का खुलासा करते हुए योगी सरकार के नाम एक चिट्ठी लिखी है। 
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी, सीओ जितेंद्र दुबे और थानाध्यक्ष महोबकंठ मौके पर पहुंचे। मामले की जांच पड़ताल के बाद पुलिस अधीक्षक ने फौरन दबंगों की हिरासत में लेने के निर्देश दिए। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई दीपू दीक्षित पुत्र बिहारीलाल दीक्षित ने दर्ज कराई है।
मौत से गांव में पसरा सन्नाटा 
पुजारी की मौत से गांव में गमगीन माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस को पुजारी की हुई बेइज्जती की कहानी रो रोकर सुनाई। गांव वालों ने बताया कि पुजारी मृदुल स्वभाव का था। यही वजह है कि उसका अपमान होने के बाद भी पुलिस में तहरीर देने के बजाए उसने पंचायत बुलाई। पुजारी की मौत के बाद कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले। 
ये था पुजारी की मौत की कारण
गांव में बजरंगबली मंदिर परिसर में आए दिन दबंग शराब पीकर उत्पात मचाते थे। पुजारी इसका विरोध करता था। शराब पीने से मना करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। 14 साल से वह मंदिर परिसर में ही रहता था। उसकी शादी भी नहीं हुई थी। 
पंचायत के बहाने पुजारी को ले गए थे दबंग
पुजारी के लाख मना करने के बाद भी दबंग पुजारी को एक पंचायत में चलने के बहाने से जबरन ले गए थे। इसके बाद पुजारी को जान से मारने की साजिश रची गई। दबंगों की साजिश को भांपते हुए एक ग्रामीण ने पुजारी को रात में ही भगा दिया। 
सुसाइड नोट में योगी सरकार को यूं लिया आड़े हाथ
दबंगों से आहत पुजारी ने मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में योगी सरकार को भी आड़े हाथों लिया। इसमें बताया कि बीजेपी सरकार ने कानून व्यवस्था में सुधार किया जाने का वादा किया था, लेकिन न कोई परिवर्तन आया और न कोई सुधार हुआ। सीएम योगी से हमारा कहना है सौरा गांव की कानून व्यवस्था का सुधार होना चाहिए। अगर आपके राज में कानून व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कभी नहीं होगा। पुजारी ने घर वालों को परेशान न करने का आग्रह किया है। 
-अपमान से आहत होकर पुजारी ने फांसी लगाई 
-सुसाइड नोट में प्रताड़ित कर बेइज्जत करने वाले लोगों को ठहराया दोषी 
-चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज


 

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