संकष्टी चतुर्थी : इस विधि से करें भगवान गणेश का पूजन

संकष्टी चतुर्थी : इस विधि से करें भगवान गणेश का पूजन

संकष्टी चतुर्थी को सभी संकटों से मुक्ति दिलाने वाला चतुर्थी माना जाता है। हालांकि संकष्टी चतुर्थी का व्रत तो हर माह होता है, लेकिन माघ मास की संकष्टी चतुर्थी को बेहद खास महत्व दिया गया है। शास्त्रों में इस चतुर्थी को अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। इस साल संकष्टी चतुर्थी 4 जनवरी (गुरूवार) को पड़ रही है। संकष्टी चतुर्थी का दिन भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन भगवान गणेश की विधि पूर्वक पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी संकटों का नाश होता है। इतना ही नहीं संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की आराधना सभी अर्थों में मंगलकारी माना गया है।
इस दिन भगवान गणेश की पूजा-आराधना से मनवांछित फल पाया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार इस विधि से पूजा करने से पारिवारिक, आर्थिक और अन्य प्रकार की समस्या का समाधान हो जाता है।
इस विधि से करें गणेश जी पूजा 
सर्व प्रथम प्रातःकाल स्नान करके गणेश जी की पूजा का संकल्प लें।
पूरे दिन भर जलहार या फलाहार ग्रहण करना उत्तम रहेगा।
शाम के समय भगवान गणेश की विधिवत आराधना करें।
साथ ही साथ भगवान गणेश जी को मोदक (लड्डू), दूर्वा और पीले पुष्प अर्पित करें।
चंद्रमा को मस्तक नीचे कर अर्घ्य दें।
भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें।
मनोकामना पूर्ति के लिए 11 दूर्वा भगवान गणेश को अर्पित करें।
आरती में गणेश वंदना करना बेहद शुभ फलदायक होगा।
 

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