विविध

  • श्रद्धा हो तो पत्थरों में से सप्राण होकर भक्त से मिलने आते हैं भगवान

    एक राजा ने भगवान कृष्ण का एक मंदिर बनवाया और पूजा के लिए एक पुजारी को रख लिया। मंदिर के पुजारी जी बड़े भाव से बिहारी जी की सेवा करने लगे। भगवान की पूजा-अर्चना और सेवा करते पुजारी की उम्र बीत गई। राजा रोज एक फूलों की माला सेवक के हाथ से भेजा करता था। पुजारी वह माला बिहारी जी को पहना देते थे। जब राजा दर्शन करने आता तो पुजारी वह माला बिहारी जी के गले से उतारकर राजा को पहना देते थे। यह रोज का नियम था। एक दिन राजा किसी वजह से मंदिर नहीं जा सका। उसने एक सेवक से कहा, "माला लेकर मंदिर जाओ, पुजारी से कहना आज मैं नहीं आ पाऊंगा। सेवक ने जाकर माला पुजारी को दे दी और बता दिया कि आज वे महाराज का इंतजार न करें।" सेवक वापस आ गया। पुजारी ने माला बिहारी जी को पहना दी। फिर उन्हें विचार आया कि आज तक मैं अपने बिहारी जी की चढ़ी माला राजा को ही पहनाता रहा। कभी ये सौभाग्य म

  • फिट रहने के लिए करें इन मुरब्बों का सेवन

    लोग शरीर को सेहतमंद रखने के लिए फ्रैश फ्रूटस का सेवन तो करते ही हैं अगर विटामिन-सी, आयरन, फाइबर, फास्फोरस और प्रोटीन से भरपूर मुरब्बे का इस्तेमाल किया जाए तो यह सेहत के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं। इसे खाने से आपको काम करते हुए थकावट भी नहीं होगी और साथ ही में आपके शरीर में पूरा दिन ऊर्जा भी बनी रहेगी। फलों का मुरब्बा आपके शरीर को हैल्दी रखने के साथ कई तरह के रोगों से भी बचाता हैं। मौसम के अनुसार ही इसका प्रयोग करना चाहिए। आज हम आपको शरीर को हेल्दी रखने के लिए विभिन्न प्रकार के मुरब्बों से होने वालें लाभों के बारे में बताएगें। 1. आंवले का मुरब्बा इसमें विटामिन-सी, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दिन में 1 या 2 मुरब्बे का सेवन करना चाहिए। यह आपके शरीर को कब्ज, बवासीर, जलन, बढे हुए पित्ते, चमड़ी रोगों से बचात

  • इमली के सेवन से दूर होगी ये बीमारियां

    खट्टा मिठ्ठी इमली भोजन का स्वाद बढ़ाती है। कुछ लोग इसे चटनी बनाने के लिए भी इस्तेमाल करते है लेकिन स्वाद बढ़ाने के अलावा इमली सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। विटामिन सी, एंटी-ऑक्सीडेंट, आयरन, फाइबर, मैगनीज, कैल्शियम और फॉस्फोरस के गुणों से भरपूर इमली का रोजाना सेवन कई बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है। हेल्थ प्रॉब्लम दूर करने के साथ-साथ यह स्किन और ब्यूटी प्रॉब्लम को दूर करने में भी मदद करती है। आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह इमली के प्रयोग से आप सेहत की कई समस्याओं को दूर कर सकते है। तो आइए जानते है आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर इमली के फायदे। 1. जोड़ों में दर्द इमली के बीज के पाउडर को भूनकर दिन में 2 बार पानी के साथ लें। इसका सेवन जोड़ों, घुटनों, लुब्रिकेशन और गर्दन के दर्द से राहत दिलाता है। 2. बवासीर

  • तुलसी के बीज से दूर होगी ये 8 बड़ी-बड़ी समस्याएं

    तुलसी का पौधा घर की नाकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक बनाता है। कुछ लोग तुलसी का इस्तेमाल हैल्थ प्रॉब्लम को दूर करने के लिए भी करते है लेकिन आज हम आपको तुलसी के बीजों से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहें है। आयुर्वेदिक, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन।, ज्ञ, कार्बोहायड्रेट, ओमेगा-3 फैटी एसिड और खनिज तत्वों से भरपूर यह बीज ठंडी तासीर के होते है। इसका सेवन यौन रोग, टेंशन, डिप्रेशन, दिमागी थकान और माईग्रेन जैसी बीमारियों को दूर करता है। तो आइए जानते है तुलसी के बीजों का सेवन करने से आपको क्या-क्या फायदे हो सकते है। 1. सर्दी-खांसी लौंग, तुलसी के बीज को 1 गिलास पानी में उबाल लें। जब यह आधा रह जाए तो इसमें सेंधा नमक डालकर सेवन करें। दिन में दो बार इसका सेवन सर्दी, खांसी और जुकाम से राहत दिलाता है। 2. यौन रोग

  • ये है ऐसा मंदिर जहां महाशिवरात्रि से पहले मनाया जाता है शिव नवरात्र

    कल 5 फरवरी सोमवार से महाकाल मंदिर में शिव नवरात्र का आरंभ हो गया है। शक्ति आराधना पर्व नवरात्र की तरह भगवान शिव की भी नवरात्र उत्सव की परंपरा है। महाकाल नवरात्र के अंतिम दिन महाशिवरात्रि पर्व मनाए जाने का विधान है। नौ दिन तक भगवान महाकाल का विशिष्ट अभिषेक और पूजन होगा तत्पश्चात आकर्षक श्रृृंगार से उन्हें सुसज्जित किया जाएगा। इस दौरान मंदिर के गर्भगृृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। 14 फरवरी की दोपहर 12 बजे भस्मारती के उपरांत त्यौहार का विश्राम होगा। महाकाल ज्योतिर्लिंग भारत का एक मात्र मंदिर है, जहां महाशिवरात्रि से पूर्व नौ दिन तक शिव नवरात्र मनाए जाते हैं। नौ दिन तक प्रात: मंदिर के पुजारी द्वारा नैवेद्य कक्ष में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन होगा। फिर कोटितीर्थ कुंड के पास अवस्थित भगवान कोटेश्वर महादेव की पूजा होगी। गर्भगृृह में महाकाल का

  • बड़े से बड़े संकट की काट हैं हनुमान का ये मंत्र

    वैदिक ग्रंथों के अनुसार, मंगलवार का दिन अत्यधिक मंगलसूचक और अनुकूलता लिए हुए है। इस दिन राम भक्त हनुमान जी के मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहता है। संकटमोचन अपने भक्तों के हर संकट को हर लेते हैं। आप भी करें अपनी हर समस्या का निदान। प्रॉपर्टी से जुड़ी परेशानी के लिए मंगलवार को हनुमान जी के मंदिर जाकर चालीसा का पाठ करें। बूंदी या लड्डू का भोग लगाएं। मंदिर में हनुमान जी के सामने बैठकर ॐ मारकाय नमः मंत्र का जाप करें। नौकरी या जॉब संबंधित समस्या बूंदी के 9 लड्डू अर्पित करें। पीपल के पत्ते पर केसरी रंग के सिंदूर से अपनी समस्या लिखकर हनुमान जी के चरणों में रखें। उसी स्थान पर हनुमान जी के विशेष मंत्र ॐ पिंगाक्षाय नमः का जाप करें। प्रतिष्ठा और शोहरत हासिल करने के

  • रोज की थकान को दूर करेगा सिर्फ ये एक फल, जानें कैसे

    अंगूर सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। रोज अंगूर खाने से शरीर की कई परेशानियां दूर हो जाती हैं। रोज की भागदौड़ वाली जिंदगी में ज्यादातर लोग डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। डिप्रेशन से परेशान लोग अगर रोज अंगूर खाएं तो उन्हें काफी फायदा होगा। अंगूर खाने से ना सिर्फ दिमाग से निगेटिविटी खत्म होती है, बल्कि माइंड में सकारात्मक विचार आते हैं। हाल ही में हुए रिसर्च में इस बात का पता चला है। रिसर्चर्स का कहना है कि नियमित रूप से अंगूर के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इतना ही नहीं जो लोग अंगूर नहीं खाते हैं उनमें निराशा व हताशा जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। अंगूर में कुछ तत्व ऐसे होते हैं, जिनसे हताशा जैसे मनोविकार कम हो सकते हैं और टेंशन रिलीज करने में मददगार होता है। अंगूर रहित पोलीफिनॉल कम्पाउंड उत्तेजना से जुड़े कोशिकीय

  • रुद्राक्ष की माला से करें इस मंत्र का जाप, दोषों का होगा नाश

    भगवान शंकर के यूं तो बहुत मंत्र है, जिनका उच्चारण करने से वें प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा करते हैं। लेकिन उन समस्त मंत्रों में से महामृत्युंजय एकमात्र एेसा मंत्र है जिसे सबसे अधिक प्रभावशाली माना जाता है। पुराणों में इसके प्रभाव व शक्तियों के बारे में अच्छे से वर्णन किया गया है। शिवपुराण के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से मानव के जीवन मे आने वाली सभी बाधाएं और परेशानियों का अंत होता है। लेकिन इस मंत्र का जाप करते समय कुछ नियमो का पालन करना अति आवश्यक होता है। महामृत्युंजय मंत्र का जप शुभ मुहूर्त में प्रारंभ करना चाहिए जैसे महाशिवरात्रि, श्रावणी सोमवार, प्रदोष (सोम प्रदोष अधिक शुभ है), सर्वार्थ या अमृत सिद्धि योग, मासिक शिवरात्रि (कृष्ण पक्ष चतुर्दशी) अथवा अति आवश्यक होने पर शुभ लाभ या अमृत चौघड़िया में किसी भी दिन।  जिस जातक के हेतु इ