विविध

  • जानें, क्या है शनि की साढ़ेसाती, कैसे बचें अशुभ परिणाम से ?

    शनि हर राशि पर भ्रमण के दौरान एक विशेष तरह का प्रभाव डालता है. जब यह प्रभाव किसी राशि के ऊपर शनि की विशेष स्थितियों के कारण पड़ता है तो इसको साढ़ेसाती कहते हैं. शनि जब भी किसी राशी से बारहवें रहता है, उसी राशी में रहता है या उस राशी से दूसरे रहता है तो उस राशी पर साढ़ेसाती चलने लगती है. शनि एक राशि पर ढाई वर्ष रहता है और एक साथ तीन बार किसी राशि को प्रभावित करता है. ढाई-ढाई वर्षों का तीन चरण साढ़ेसात साल तक साढ़ेसाती के रूप में चलता है. क्या है शनि की ढैया? - राशियों पर भ्रमण के दौरान जब शनि किसी राशि से चतुर्थ भाव या अष्टम भाव में आता है तो इसको शनि की ढैया कहा जाता है. - यह शनि के एक राशि पर भ्रमण के दौरान ही रहता है यानि कि ढाई साल तक. - इसीलिए इसको ढैया कहा जाता है. साढ़ेसाती का सामान्य रूप से क्या प

  • ये है अनोखा मंदिर जहां पंडित नहीं नाग करता है शिवजी की पूजा

    भारत में बहुत से अनोखे मंदिर अपनी अजीब परंपराओं के लिए दुनियाभर में मशहूर है। कुछ मंदिरों में तो भगवान की पूजा के लिए भी अलग-अलग तरीके अपनाएं जाते है लेकिन आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहें है जहां कोई पुजारी नहीं, बल्कि एक सांप शिवलिंग की पूजा करता है। इस मंदिर की इन्हीं दिलचस्प बातों के कारण यहां शिवरात्रि पर कई टूरिस्ट माथा टेकने के लिए आते है। बिना शिवरात्रि के भी इस मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ लगी रहती है। आइए जानते है इस मंदिर के बारे में कुछ और बातें। उत्तरप्रदेश आगरा के पास स्थित गांव सलेमाबाद के एक प्राचीन मंदिर में शिव की पूजा करने के लिए एक नाग 15 वर्षों से रोज आता है। यह नाग रोज मंदिर में करीब 5 घंटे तक यहां पर रूकता है और भगवान की पूजा करता है। वैज्ञानिकों के लिए इस नाग के यहां आने का कारण अभी तक यहां जिज्ञासा का विष

  • लाल चंदन की माला से कल करें इस मंत्र का जाप, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

    रविवार दि॰ 04.02.18 फाल्गुन कृष्ण पंचमी पर सूर्य का नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी से बनने वाले सुकर्मा योग के कारण आज सूर्य पूजन सर्वश्रेष्ठ रहेगा। वैदिक मतानुसार सूर्यदेव समस्त जीव-जगत के आत्मस्वरूप हैं। यही अखिल सृष्टि के आदि कारण भी हैं। यही एकमात्र प्रत्यक्ष आदि देव हैं। पौराणिक मतानुसार सूर्य महर्षि कश्यप व माता अदिति के पुत्र हैं। भविष्य, मत्स्य, पद्म, ब्रह्म, मार्कण्डेय व सांब आदि पुराणों में सूर्य परिवार की विस्तृत कथा वर्णित है। इनकी पहली पत्नी विश्वकर्मा पुत्री संज्ञा व दूसरी पत्नी छाया है। अश्विनीकुमार, वैवस्वत-मनु, यमराज, यमुना, शनि, सावर्णि-मनु, तपती इनकी संताने हैं तथा कपिराज सुग्रीव व महारथी कर्ण इनके अंश से उत्पन्न हुए थे। पक्षिराज गरुड़ के बड़े भाई अरुण सूर्य के रथ को हांकते हैं। सूर्य ही शिव का एक नेत्र व भगवान विराट के नेत्र को अभिव्यक्त करते है।

  • आंखों की ये समस्याएं बन सकती है मौत की वजह

    कई बार ज्यादातर लोग आंखों से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। आंखों में दर्द, जलन, खुजली और पानी आने जैसी समस्याओं को नॉर्मल मानते हुए छोड़ देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि लोगों के इसी रवैये के कारण यह गंभीर दिक्कतों का कारण बन रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इन दिनों आंखों के कैंसर के भी कई मामले सामने आए हैं। देश में आंखों के कैंसर के ज्यादातर मामलों के बारे में काफी बाद में पता चल पाता है। जानकारी नहीं है डॉक्टरों की मानें तो इस तरह के रोग और उसके लक्षणों के बारे में लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। जिससे इसकी रोकथाम सही समय से हो सके। साथ ही लोगों को इसकी जानकारी होने से सही समय पर इलाज संभव हो पाएगा। बाकी अंगों की तरह है आंखों का कैंसर अगर इस दौरान ज्यादा देर की गई तो आंखो

  • ये है नमक के पानी से गरारे करने के फायदे

    गले में खराश और दर्द होने जैसी समस्या से हर कोई कभी न कभी परेशान होता है. इससे निजात पाने के लोग कई तरह के नुस्खों को भी अपनाते हैं. नमक के पानी से गरारे करना भी इन्हीं नुस्खों में से एक है. कहा जाता है कि नमक के पानी से गरारे करना गले के दर्द या फिर खराश के लिए काफी कारगर साबित होता है. इसके लिए बस आपको अपने किचन तक जाना होगा और वहां एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर 5 से 6 बार गरारे करने होंगे. रात को ऐसा करने से आप चैन से सो सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने से गले की खराश आपको परेशान नहीं करेगी.  हम आपको यहां बता रहे हैं नमक के पानी से गरारे करने के क्या क्या फायदे हो सकते हैं.  गले की सूजन में दिलाए राहत गरारे करने से गले की अंदूरुनी सूजन में भी काफी ज्यादा आराम मिलता है. नमक के पानी से गले में आसानी से फ्लूड जा

  • जानिए महाशिवरात्रि के दिन शिव-पूजा का शुभ मुहूर्त

    महाशिवरात्रि देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित है। भगवान शिव ब्रह्माण्ड के रक्षक और विनाशक दोनों ही हैं। शिव नकारात्मकता और बुरी शक्तियों को विध्वंस कर शुभता और पवित्रता की स्थापना करते हैं। इतना ही नहीं इस वे सृष्टि की समस्त बुराईयों का जड़ से नाश करते हैं। शास्त्रों में शिव को तंत्र-मंत्र का जनक माना जाता है। वैसे तो प्रत्येक सप्ताह का सोमवार शिव को समर्पित है। लेकिन महाशिवरात्रि ऐसा अवसर है जब शिव के भक्त उनकी आराधना पूरी श्रद्धा से करते हैं। ये है महत्व  हिन्दू पंचांग के अनुसार हर माह शिवरात्रि का त्यौहार पड़ता है। परंतु फाल्गुन मास की त्रयोदशी को पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव का विवाह महाशिवरात्रि के दिन ही हुआ था। इसलिए इस शिवरात्रि के दिन उनके भक्त पूरी श्रद्धा औ

  • गणेश चतुर्थी: जानिए गणेश चतुर्थी कब और कैसे करें गणेश की पूजा

    गणेश चतुर्थी का शास्त्रों में बेहद महत्व है। कैलेंडर के अनुसर प्रत्येक मास में दो चतुर्थी पड़ती है। पूर्णिमा के बाद पड़ने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी के तौर पर जाना जाता है। फरवरी माह में इस बार गणेश चतुर्थी 3 फरवरी (शनिवार) को पड़ रही है। फाल्गुन मास की चतुर्थी को पड़ने वाली गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व का माना गया है। शास्त्रों के अनुसार जो कोई भी गणेश चतुर्थी के दिन विघ्नाहर्त्ता गणेश जी की उपासना करता है, उसके सभी संकट दूर हो जाते हैं। शास्त्रों में संतान की प्राप्ति के लिए भी गणेश चतुर्थी का विशेष महत्व है। इस दिन गणेश की विधिवत उपासना करने पर उत्तम संतान की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान से संबंधित समस्या भी दूर होती है। गणेश चतुर्थी शुभ मुहूर्त  गणेश चतुर्थी इस बार 3 फरवरी (शनिवार) को है। इस दिन भगवान गणे

  • जानिए आम के पत्ते के इन फायदों के बारे में...

    फलों का राजा आम के फायदो के बारे में तो आपने बहुत सुना होगा लेकिन क्या आप जानते हैं कि आम के पत्ते के भी जबरदस्त फायदे हैं। जानिए कैसे इसके इस्तेमाल से आप शुगर जैसी बिमारी से निजात पा सकते है... आम की पत्तियों को धूप में सुखाकर उसका पाउडर बना लें। रोजाना इसको एक चम्मच खाएं इससे आपका शुगर कंट्रोल में आ जाएगा। अगर आपको ब्लडप्रेशर की समस्या है तो आम के पत्ते को उबाल लें। नहाते समय इसे नहाने के पानी में डालकर नहाएं। इससे आपको ब्लडप्रेशर की समस्या से निजात मिलेगा। आम की पत्तियों का पाउडर पथरी से भी निजात दिलाता है। इसके रोजाना सेवन से ये पथरी को शरीर से निकालकर बाहर कर देता है। आम के पत्ते हिचकी की सम