विविध

  • JIO पर पड़ेगा भारी एयरटेल का यह प्लान

    भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने जियो के दमदार ऑफर्स को टक्कर देने के लिए फिर से एक नया ऐलान किया है। कंपनी ने अपने 169 वाले प्लान में बदलाव लाते हुए दोगुना डेटा देने की पेशकश की है। आपको बता दें कि एयरटेल के इस प्लान में ग्राहकों को पहले 500 एमबी डेटा डेली यूज के लिए मिलता था। इस नए बदलाव से ग्राहकों को अब 1जीबी डेटा डेली यूज के लिए मिलेगा। कंपनी ने इस प्लान को 4जी स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक्सक्लूसिव तौर पर एयरटेल मेरा पहला स्मार्टफोन पहल के तहत पेश किया था, जिसमें नया 4जी स्मार्टफोन खरीदने पर ग्राहकों को 500 एमबी डेटा मिलता था। हाल ही में जियो ने जियोफोन यूजर्स के लिए 153 रुपये वाले प्लान में बदलाव किया था। इसी क्रम में एयरटेल ने भी अपने पार्टनर 4G स्मार्टफोन्स के लिए प्लान में बदलाव किया है। इस प्लान में प्रतिदिन 1GB डेटा के साथ 28 द

  • माइग्रेन दर्द के लिए कारगर है ‘हेड मसाज’

    दिन भर की भागदौड़ के बाद थकान होना लाजमी है। यही कारण है कि आपको पूरे दिन आराम का मौका नहीं मिलता और थकान पूरे शरीर पर हावी हो जाती है। इस स्थिति में मसाज से आप एनर्जी गेन कर सकते हैं। हेड मसाज यानी सिर पर मसाज करने से ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से होता है। इसके अलावा ऐसा करने से दिमाग में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और नींद भी अच्छी आती है। अच्छे किस्म के तेल से बालों और सिर का मसाज करने पर मानसिक शांति मिलती है। साथ ही बाल सुंदर और स्वस्थ बनते हैं। जानिए सिर पर मसाज करने के और क्या-क्या फायदे होते हैं माइग्रेन ज्यादा तनाव या चिंता के कारण पीठ और सिर में दर्द की समस्या हो जाती है। इसका असर रोज की लाइफस्टाइल पर पड़ता है। ऐसे में अगर आप सिर में मसाज करते हैं, तो इससे पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है। साथ ही दिमाग शा

  • करना चाहतें है भगवान शिव को प्रसन्न तो परिक्रमा करते समय रखें इन बातों का ध्यान

    शिवलिंग को भगवान शंकर का ही स्वरूप माना जाता है। ग्रथों में इसके पूजन के बारें में विस्तार में बताया गया है। इसमें शिवलिंग की पूजा और परिक्रमा को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं जिससे भगवान शंकर जल्द प्रसन्न होकर इंसान की समस्त मनोकामनाएं पूरी करते हैं। तो अगर आप भी भगवान शंकर को प्रसन्न करना चाहते हैं तो शिवलिंग की पूजा और परिक्रमा के इन नियमों को ध्यान में रख कर ही शिवलिंग की पूजा अर्चना करें।  ये हैं नियम शिवलिंग की पूजा और परिक्रमा के नियम: परिक्रमा के दौरान शिवलिंग के चारों ओर घूमने से भगवान शिव नाराज होते हैं। क्योंकि असल में शिवलिंग के नीचे का हिस्सा जहां से शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल बाहर आता है वह पार्वती का भाग माना जाता है। इसलिए शिवपुराण के अनुसार शिवलिंग की परिक्रमा के दौरान आधी परिक्रमा की जाती है और फिर वापस लौटकर दूस

  • हैंगओवर की समस्या से है परेशान तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

    कुछ लोगों को शराब पीने की इतनी गंदी आदत होती है कि वह कभी भी इसका सेवन कर लेते हैं। शराब पीने के अगले दिन भी उनका नशा नहीं उतरता जिससे उन्हें सिरदर्द, उल्टी होना चक्कर आना जैसी प्रॉब्लम होने लगती हैं। इसको ही हैंगओवर कहते हैं। जरूरत से ज्यादा शराब पीने से यह समस्या होना आम है। शराब पीना आसान होता है लेकिन मुश्किल तब आती है जब इसका नशा उतारना होता है। कई बार हैंगओवर के कारण लोगों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ता है। अगर आपको भी शराब पीने के बाद हैंगओवर की समस्या हो जाती है तो आज हम आपको इसके लिए कुछ घरेलू नुस्खे बताएंगें। इनको अपना कर आप हैंगओवर प्रॉब्लम से छुटकारा पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं उन नुस्खों के बारे में। हैंगओवर के लक्षण 1. तेजी से सिरदर्द होने लगता है।  2. हैंगओवर में चक्कर आने शुरू हो जाते हैं। 3.

  • इस वजह से श्री कृष्ण के मित्र सुदामा को झेलनी पड़ी गरीबी

    जिनके मित्र श्रीकृष्ण हो भला उन्हें भी कोई कमी हो सकती है। श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा ने अपने जीवन में अत्यंत गरीबी भोगी परंतु इनकी गरीबी के पीछे का कारण शायद ही किसी को पता होगा। आखिर क्यों श्रीकृष्ण के बचपन के दोस्त को क्यों इतनी गरीबी झेलनी पड़ी। अगर अध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखेगें तो सुदामा जी बहुत धनवान थे। जितना धन उनके पास था किसी अन्य व्यक्ति के पास नही था। लेकिन अगर भौतिक दृष्टि से देखा जाए तो सुदामा जी से बड़ा निर्धन कोई नही था । पौराणिक कथा एक बेहद गरीब ब्राह्मणी थी जिसका जीवन भिक्षा पर ही आधारित था। लेकिन एक बार वो समय भी आया जब पांच दिनों तक उसे भिक्षा नहीं मिली और छठे दिन उसे मात्र दो मुट्ठी चने ही प्राप्त हुए। कुटिया पर पहुंचते-पहुंचते रात हो गई और उस ब्राह्मणी ने सोचा कि ये चने मैं रात के समय नहीं खाऊंगी, सुबह

  • ये है जयपुर का आलिशान होटल,जाने क्या है इसकी खासियत

    लोग अपने शौंक के हिसाब से घूमने का प्लेन बनाते हैं। कुछ लोगों को हरियाली, पहाड़ पसंद होते हैं तो कुछ इस बात का ध्यान रखते हैं कि जहां घूमने जा रहे हैं वहा रहने के लिए भी बढ़िया इंतजाम हो। अपनी सहुलत और लग्जरी के हिसाब से वह फाइव स्टार होटल का चुनाव करते हैं। आज हम आपको एक एेसे ही होटल के बारे में बताने जा रहे है जो किसी महल से कम नहीं है।घूमने-फिरने का शौंक तो हर किसी को होता है। हर कोई चाहता है कि जहां वो घूमने जाएं वहां का सफर रोमांचक व अनोखा हो और हर जगह कुछ नया अनुभव हो। घूमने के साथ-साथ लोग वहां पर ठहरने की जगहें का भी ध्यान रखते है लेकिन आज हम आपको भारत के सबसे मंहगे होटल के बारे में बताने जा रहें है। वैसे तो दुनिया में ऐसे मंहगे और आलीशान होटलों की कमी नहीं है, जहां ठहरना कई लोगों का सपना होता है। मगर भारत का यह होटल मंहगा होने के साथ-साथ अपनी खूबसूरती

  • BSNL ने पेश किया 191 रुपए का नया प्लान

    टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल ने यूजर्स को अपनी और अाकर्षित करने के लिए एक नया प्लान पेश किया है। कंपनी ने इस प्लान की कीमत 191 रुपए रखी है। वहीं इस प्लान को 10 जनवरी 2018 से 9 अप्रैल 2018 के बीच ही लिया जा सकता है।  191 रुपए का प्लानः इस प्लान में यूजर्स को 28 दिनों तक हर रोज 1जीबी डाटा मिलेगा। इसके अलावा इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी मिलेगी। वहीं, इस प्लान की वैधता 28 दिनों की होगी और यह प्लान सिर्फ नए ग्राहको के लिए ही है। इसमें यूजर्स अनलिमिटेड मैसेज का भी लुफ्त उठा सकते है। यह प्लान फिलहाल तेलंगाना सर्किल के लिए ही है।  

  • इन बातों का रखेंगे ध्यान तो कभी नहीं होगा अल्सर

    पाचन तंत्र से संबंधित अंगों में घाव होने को मेडिकल लैंग्वेज में अल्सर कहते हैं। इसके होने की कई वजहें हो सकती हैं, लेकिन इनमें सबसे प्रमुख वजह, अनुचित जीवनशैली का होना है। ध्यान न देने पर कई बार कंडीशन बिगड़ भी सकती है। ऐसे में इससे बचने के लिए जरूरी है कि हम अपनी जीवनशैली और खान-पान का पूरा ध्यान रखें। क्या होता है अल्सर हमारे पेट के पाचन संबंधी आंतरिक अंगों में म्यूकस की एक चिकनी परत होती है, जो उन अंगों की अंदरूनी परत को शक्तिशाली एसिड्स और एंजाइम्स जैसे पेप्सिन और हाइड्रोक्लोरिक एसिड के दुष्प्रभाव से बचाती है। यह एसिड शरीर के ऊतकों के लिए अत्यधिक हानिकारक होता है लेकिन पाचन के लिए जरूरी भी होते हैं। एसिड और म्यूकस के मध्य एक बेहतरीन समन्वय होता है, जब यह संतुलन बिगड़ जाता है, तब अल्सर विकसित हो सकता है। आमतौर पर यह अल्सर इसोफेग