व्यापार

  • छोटे करदाताओं की बढ़ने वाली है मुसीबत

    इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जल्द ही छोटे करदाताओं पर अपनी गाज गिराने जा रहा है, जिनके पुराने लंबित मामलों को बंद कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट द्वारा डिपार्टमेंट को दिए गए आदेश के बाद अब ऐसा होगा। ये मामले खुलेंगे दुबारा डिपार्टमेंट अब उन मामलों को खोलेगा, जिनको कई साल पहले लीमिट से नीचे टैक्स डिमांड होने के कारण बंद कर दिया गया था। इसके लिए तर्क दिया गया था कि राशि छोटी होने के कारण इनको कोर्ट में नहीं ले जाएगा। डिपार्टमेंट ने फरवरी 2011 और दिसंबर 2015 टैक्स लीमिट फिक्सड की थी। चार लाख से लेकर के 10 लाख रुपये तक के बीच टैक्स डिमांड को फिक्स कर दिया था।  सुप्रीम कोर्ट ने किया सर्कुलर को खारिज सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (सीबीडीटी) द्वारा जारी उस सर्कुलर को रद्द कर दिया है, जिसमें छोटी राशि वाले लंबित केस

  • शेयर बाजारों में मजबूती का रुख

    मुंबई| देश के शेयर बाजार के कारोबार में सोमवार को मजबूती का रुख है. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 10.58 बजे 140 अंकों की तेजी के साथ 33,297 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 51.65 अंकों की बढ़त के साथ 10,374.90 पर कारोबार करते देखे गए. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 102.88 अंकों के उछाल के साथ 33260.10 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 30.8 अंकों की मजबूती के साथ 10,353.85 पर खुला. सार्वजनिक उपक्रमों, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, बुनियादी ढांचा और वाहन कंपनियों के शेयर लाभ में चल रहे थे. सकारात्मक एशियाई संकेतों से भी बाजार को बल मिला. कारोबारियों ने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली ने भी बाजार की धारणा को बल दिया.  इससे पहले सेंसेक्स ने 27 अक्तूबर को कारो

  • बिक्री के जरिए 58 हजार करोड़ रुपए से काफी अधिक जुटा सकती है सरकार

    नई दिल्ली: सार्वजनिक बैंकों के शेयरों में हाल के उछाल के मद्दे नजर इन बैंकों में सरकार की सीमित हिस्सेदारी बेचने से अनुमानित 58 हजार करोड़ रुपए से काफी अधिक राशि मिलने की संभावना है. उद्योग एवं वाणिज्य संगठन एसोचैम ने एक रिपोर्ट में रविवार को यह जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकों में पूंजी डाले जाने की घोषणा के बाद बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. घोषणा से शेयरों के भाव में हुए बदलाव के हिसाब से देखें तो सरकार अब अपनी तय हिस्सेदारी की बिक्री के जरिए 58 हजार करोड़ रुपए से काफी अधिक जुटा सकती है. उल्लेखनीय है कि सरकार ने फंसे ऋण के दबाव से बैंकों को उबारने के लिए 1.35 लाख करोड़ रुपए बैंकों में डालने की घोषणा की है. सरकार की योजना अपनी हिस्सेदारी कम कर शेयरों की बिक्री के जरिए 58 हजार करोड़ रुपए जुटाने की है. इसके बाद सार्वजन

  • सकारात्मक एशियाई संकेतों से भी बाजार को मिला बल

    मुंबई: कंपनियों के उत्साहवर्धक तिमाही नतीजों से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज शुरुआती कारोबार में 33,295 अंक की नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 10,369 अंक के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया.सार्वजनिक उपक्रमों, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, बुनियादी ढांचा और वाहन कंपनियों के शेयर लाभ में चल रहे थे. सकारात्मक एशियाई संकेतों से भी बाजार को बल मिला. टॉप-5 कंपनियों का मार्केट कैपिटल 94,689 करोड़ रुपये बढ़ा, SBI सबसे ज्यादा फायदे में कारोबारियों ने कहा कि घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली ने भी बाजार की धारणा को बल दिया. बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 138.11 अंक या 0.41 प्रतिशत के लाभ से 33,295.33 अंक की नई ऊंचाई पर पहुंच गया. इससे पहले सेंसेक्स ने 27 अक्तूबर को कारोबार के दौरान 33,286.51 अंक का

  • इन बैंकों में ऐसे खोलें जीरो बैलेंस अकाउंट

    एक नजर अपने बैंक अकाउंट के मंथली स्टेटमेंट पर डालें. आपका खून खौल उठेगा कि कैसे बैंक आपकी मेहनत की कमाई पर दीमक की तरह लगा है और धीरे-धीरे आपके पैसे चाट रहा है. ज्यादातर बैंक आपके अकाउंट से बैंक चार्जेस के नाम पर छोटी-छोटी किश्त में बड़ी रकम उड़ा ले रहे हैं. लगभग सभी बैंक आपके खाते से मंथली एवरेज बैलेंस (MAB) नहीं बरकरार रखने पर या डेबिट कार्ड जारी करने की फीस के नाम पर नहीं तो बैंक अकाउंट बंद करने के नाम पर आपके खाते से पैसे उड़ा लेते हैं. लेकिन आपके लिए अच्छी खबर यह है कि आप बैंक के इस मायाजाल से निकलने के लिए एक काम बेहद आसानी से कर सकते हैं. आप एसबीआई, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक में जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवा सकते हैं. इन बैंकों के जीरो-बैलेंस अकाउंट पर आपकी बैंकिंग की सभी जरूरतें पूरी होती है और बैंक आपसे किसी तरह का चार्ज नहीं वसूल सकता. कै

  • रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी

    मुंबई: बीते सप्ताह घरेलू शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए, सरकार की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वाली नीतियों से सेंसेक्स और निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए. सेंसेक्स 33,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया. इस सप्ताह सेंसेक्स 767.26 अंकों यानी 2.36 फीसदी की बढ़त के साथ 33,157.22 पर जबकि निफ्टी 176.50 अंकों यानी 1.73 फीसदी की बढ़त के साथ 10,323.05 पर रहा. बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 1.88 फीसदी जबकि स्मॉलकैप सूचकांक में 1.3 फीसदी की तेजी रही. सोमवार को शेयर बाजार की सकारात्मक शुरूआत हुई और सेंसेक्स 116.76 अंकों या 0.36 फीसदी की तेजी के साथ 32,506.72 पर बंद हुआ, जो 18 अक्टूबर के बाद अब तक का उच्चतम बंद स्तर है. मंगलवार को वैश्विक बाजारों में मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला, जिस वजह से सेंसेक्स 100.62 अंकों या 0.31 फीसदी की तेजी के साथ 32,607.34 पर ब

  • उर्वरक पर मिलने वाली सब्सिडी इसके बाद किसान के बैंक खाते में की जाएगी जमा

    मुंबई: अब महाराष्ट्र में किसानों को उर्वरक पर सब्सिडी लेने के लिए भी आधार कार्ड जरूरी होगा. उर्वरक डीलरों को पीओएस मशीनें दी गई हैं जिसके जरिए आधार नंबर के बिना किसान के खाते में सब्सिडी नहीं आएगी.  राज्य के कृषि मंत्री पांडुरंग फुंडकर ने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य में किसानों को सब्सिडी हासिल करने के लिए डीलर के पास ‘प्वांइंट ऑफ सेल’ (पीओएस) मशीनों के जरिए उवर्रक खरीदने के दौरान अपना आधार नंबर देना होगा. उर्वरक पर मिलने वाली सब्सिडी इसके बाद किसान के बैंक खाते में जमा की जाएगी. यह प्रणाली एक नवंबर से लागू होगी. मंत्री ने कहा कि राज्य में 20,988 उवर्रक डीलर हैं और प्रत्येक को उपयुक्त प्रशिक्षण के साथ पीओएस मशीन दी गई है. आधार के बिना किसान उर्वरक पर सब्सिडी नहीं ले पाएंगे.  

  • GST : सरकार ने कारोबारियों को दी ये बड़ी सुविधा

    नई दिल्लीः गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) में शामिल हुए कारोबारी अगर अपना रजिस्ट्रेशन कैंसल करना चाहते हैं तो जीएसटीएन पर उन्हें अब यह सुविधा दी गई है।  जीएसटी नेटवर्क के सीईओ प्रकाश कुमार ने बताया कि यह सुविधा बुधवार को शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि सालाना 20 लाख रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी ने अगर कोई टैक्स इनवॉयस जारी नहीं किया है तो वह पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन रद्द करा सकता है। इसके लिए प्रोफाइल सेक्शन में ‘आरईजी 29’ ऑप्शन पर जाना होगा। गौरतलब है कि जीएसटी पर अभी करीब एक करोड़ रजिस्टर्ड टैक्सपेयर हैं। इनमें से 72 लाख वे टैक्सपेयर हैं जो पहले ही एक्साइज, सर्विस टैक्स और वैट से माइग्रेट होकर जीएसटी में आए हैं। करीब 28 लाख टैक्सपेयर ऐसे हैं जिन्होंने हाल ही में जीएसटी में अपना नया रजिस्ट्रेशन करवाया है। क